कैलेंडर बदला,
तारीख बदली,
अब क्या दिन बदल जायेंगे?
नए साल का नया ख्याल,
क्या हम पुरानी बातें भूल जायेंगे?
ना भूल सकते हैं,
न उन्हें ढोया जाता है,
नया साल अक्सर पुराने ज़ख्मो को उठाता है|
गुजरे साल से हम कुछ
यादगार पल चुरा लाये,
और कुछ पल साथ चले आए
क्युकी उन्हें भुलाया नही जाए||
तारीख बदली,
अब क्या दिन बदल जायेंगे?
नए साल का नया ख्याल,
क्या हम पुरानी बातें भूल जायेंगे?
ना भूल सकते हैं,
न उन्हें ढोया जाता है,
नया साल अक्सर पुराने ज़ख्मो को उठाता है|
गुजरे साल से हम कुछ
यादगार पल चुरा लाये,
और कुछ पल साथ चले आए
क्युकी उन्हें भुलाया नही जाए||
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