खुबसूरत पलों से सजोये हुए,
ख्वाबो सी खूबसूरती पिरोये हुए
आए नया साल,
खुशिया लाये, प्यार बरसाए
और जो भी ख्वाइशे है आपकी
वो पुरी हो जाए !!
नई दुल्हन की तरह
सकुचाई, शरमाई
लो यह नव वर्ष फिर चली आई
जाने आगे कैसे पल यह हमें दिखायेगी
हमारी उम्मीदें होंगी पुरी
या शायद फिर कोई अनहोनी हमें धोखा दे जायेगी.
हर साल, हमारा है यह हाल,
नए साल से लेते हैं उम्मीदिएँ पाल
या तो यह उम्मीदें पुरी हो जाएँ
या शायद किसी पेड़ की तरह
यह लटकी रहे फूलों सी और पतझड़ आ जाए.
1 comments:
Glad to see you on blogspot. Finally I will get to read some original hindi poetries :)
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